तमाम वक़्त भी इसको जवानी का चाहिए
वक़्त-ए-पीरी से इसका कोई सरोकार नहीं!
रातों-रात हासिल नहीं हो जाती है ज़ाहिद
क़ामयाबी को जल्दबाज़ी की दरकार नहीं!
-एन. आर. कस्वाँ
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