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मोहब्बत की जंग में (युद्ध प्रेम काव्य)

                
                                                         
                            मोहब्बत की जंग में हम
                                                                 
                            
बड़े शेर बनकर उतरे थे जनाब,
जैसे ट्रंप और नेतन्याहू ने
करना चाहा था ईरान का हिसाब
पर तेरी नज़रों के रडार ने
हर हरकत हमारी पकड़ ली
प्लानिंग हमारी US की
प्लानिंग के माफिक ध्वस्त कर दी

हमने सोचा दिल के चारों तरफ
security tight कर लेते हैं,
इस्राएल कि तरह पूरा
Iron Dome install कर लेते हैं
मगर तू एक selfie क्या भेज देती है
WhatsApp पे
सिस्टम खुद ही बोल देता है
“, surrender कर लेते हैं!”

तेरी मुस्कुराहट के टॉमहॉक मिसाइल
दिल के बंकर में घुस कर चले आते हैं
बड़ी मुश्किल से  संवारे हुए दिल को
पूरी तरह से  वो बरबाद  कर जाते हैं
सोचते हैं बहुत हो चुकी प्यार की जंग
जीत दूर दूर तक नजर नहीं हैं आ रही
अब दूर जाकर कहीं गुमनाम हो जाएंगे
तू बस“कहाँ हो?” पूछ लेती हैं तो हम
तुरंत लोकेशन अपना शेयर कर जाते हैं!

तेरा attitude B 2 बॉम्बर जैसा है
रडार में ही नहीं आता
कब mood बदल जाए तुम्हारा
कोई भी समझ नहीं पाता
अपना horoscope तक दिखा लिया
पंडित को भाग्य का पता करने
उसने कहा“बेटा,ये case हमारे
scope में नहीं आता!”

तेरी यादों का क्लस्टर बम दिल के
system में ऐसा घुस जाता है,
कि कोई भी file खोलो तो screen पे
तेरा ही चेहरा नज़र आता है।
Boss ने कहां “काम करो”,तो हम बोले
“sir, नया कोई virus आ गया है”,
वो बोले “antivirus डालो”तो हम बोले
“sir, ये इश्क का वायरस हैं ऐसा कि…
uninstall ही नहीं हो पाता हैं !
-नंदकुमार भागवत
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3 महीने पहले

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