शिक्षा में ज्ञान का ,आधार होना चाहिए ।
किताबी ज्ञान नहीं,संस्कार होना चाहिए।।
इतिहास,भूगोल,साइंस,हिंदी अंग्रेजी के।
संस्कृत व्याकरण, साभार होना चाहिए।।
अक्षर ज्ञान से नहीं,साविधि शिक्षा ज्ञान।
मर्म की हो समझ,व्यवहार होना चाहिए।।
चेतन की उर्वरा शक्ति ,को जानो पहचानो।
प्राविधिक शिक्षा भी ,साकार होना चाहिए।।
दया,त्याग, करुणा की,सुगंध से महकाओ।
ज्ञान दीप जला,दूर अंधकार होना चाहिए।।
बंजर धरती पर कर्मो के,बीज नही जब रोपे।
सत्कर्मो के भावों का,सत्कार होना चाहिए।।
परिचयी नेह:--
संस्कार आचरण तुम्हारा,बोध तुझे करवाता।
'श्री'मानवता अमिट छाप,संसार होना चाहिए।।
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