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याद आते रहना

Yaad aate rehna
                
                                                         
                            हमे भी कोई याद करे
                                                                 
                            
हमसे भी कोई हर रोज़ दो पल बात करे
हर वक़्त चेहरे पर मुस्कराहट रखना
क्या करे कुछ और आता नहीं है करना
बस इन्ही सब में दिन कट जाता
लेकिन रात काटना बहुत मुश्किल पड़ जाता
अगर आप होती तो मुझे नहीं लगानी पड़ती यह गुहार
बहुत आसानी से मिल जाता आहार
लेकिन कोई बात नहीं सीख़ लेंगे जीना थोड़े सालों में
बस हमेशा याद आते रहना मेरे ख्यालों में।

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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8 वर्ष पहले

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