आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

शीर्षक - प्रेरणा

                
                                                         
                            प्रेरणा हम सब एक-दूसरे देते हैं।
                                                                 
                            
हम क्या अपने साथ भी निभाते हैं।

हम सब प्रेरणा का सहयोग करते हैं।
सच हम अपने आप में कहां सोचते हैं।

नीरज शब्दों में हम प्रेरणा लिखते हैंं।
तेरे मेरे सपने मन भाव प्रेरणा होते हैं।

सही और अच्छी बातें प्रेरणा होती हैं।
प्रेम प्यार चाहत त्याग बलिदान होते हैं।

यादें और गुज़रे लम्हें भी प्रेरणा बनते हैं।
आज और पल कल हम प्रेरणा रखते हैं।

हम सब जीवन के गुजरें पल सोचते हैं।
प्रेरणा ही हम सब को सही दिशा देती हैं।
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर