ऐ जिंदगी तू मुझे ना चिढ़ा
मेरे घर में मेरी हँसी ना उड़ा
माना तुझे नाज है खुद पर
मुझे भी एतबार है खुद पर
मेरी वफाओं के बदले
मुझसे बेवफाई तो न कर
प्यार ना सही पर
नफरत तो ना कर
मुझ पर ही टिका है
तेरा भी वजूद
ज़रा आहिस्ता चल
ऐ जिंदगी थोड़ा रुक
सुस्ता जरा...
जाना है बहुत दूर मुस्कुरा जरा...
ख्वाबों का आकाश छू लेने दे
इतना ना रूठ
थोड़ा जी लेने दे
थोड़ा जी लेने दे!!
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