तुम्हारी यादों की खुशबू,
आज भी मन में रहती है,
खामोशियों के बीच कहीं
एक मीठी धुन-सी बहती है।
जब भी शाम ढलती है,
तेरी याद चली आती है,
सूनी-सी इन राहों पर
एक उम्मीद जगा जाती है।
चाँद भी कुछ कहता है,
सितारे भी मुस्काते हैं,
जब याद तुम्हारी आती है,
पल सारे महक जाते हैं।
दूर रहकर भी लगता है,
जैसे कोई पास खड़ा है,
मन के इस शांत आँगन में
तेरी यादों का पहरा है।
समय भले ही बदल जाए,
रास्ते चाहे बदल जाएँ,
कुछ रिश्ते दिल में ऐसे होते हैं
जो कभी नहीं मिट पाएँ।
तुम्हारी यादों का यह मौसम
यूँ ही सदा बना रहे,
मन के कोरे पन्नों पर
प्रेम की कविता लिखी रहे।
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