चाँद को देखकर आज फिर
उसके लिए दुआ माँगी है,
जिसके नाम से ही
मेरे चेहरे पर मुस्कान आती है।
भूख-प्यास तो बस एक रस्म है,
असल में तो प्रेम की परीक्षा है—
उसके लंबे जीवन की कामना में
हर पल खुद को भूल जाना है।
वो चाँद में मेरा चेहरा देखे,
मैं उसकी आँखों में अपना संसार,
बस इतनी-सी ख्वाहिश है—
हर जन्म मिले यही प्यार।
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