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परदेश में,सखी! मोरा बलमा होवे

                
                                                         
                            चाँद छत पर है, करवा चौथ का,
                                                                 
                            
परदेश में सखी! मोरा बलमा होवे
विरह का क्लेश जावे ना दिल से,
बहे नीर अँखियन से ज़ार-ज़ार
बिन पिया सबूरी अब न होवे,
परदेश में,सखी! मोरा बलमा होवे
~मासुम खान
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9 घंटे पहले

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