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शुभ-शुभ नित दिनमान हो, लगी रहे यह आस।

                
                                                         
                            नए वर्ष का आगमन, महका दे घर-द्वार।
                                                                 
                            
देते रहें बधाइयाँ, बाँटें शुभता प्यार।।

आने वाले वर्ष में, रखना नहीं मलाल।
मीत-सखा के संग में, मिले ताल से ताल।।
कृष्ण-सुदामा-सा रहे, निश्छल मैत्री सार,
देते रहें बधाइयाँ, बाँटें शुभता प्यार।।

शुभ-शुभ नित दिनमान हो, लगी रहे यह आस।
यादें बुरी बिसार दें, रहें सदा #बिंदास।।
फिसल न जाए रेत ज्यों, जीवन के दिन चार,
देते रहें बधाइयाँ, बाँटें शुभता प्यार।।

जाने वाले वर्ष से, सीखी नित यह बात।
सबसे कहती #मानसी', त्यागें हठ अनुपात।।
शुचिता की आहट रहे, मिलजुल होना पार,
देते रहें बधाइयाँ, बाँटें शुभता प्यार।।

 
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एक घंटा पहले

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