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रिश्तेदारी

                
                                                         
                            जरूरत में हो गर, मांगना मत किसी से
                                                                 
                            
जो मांगा तो, वो बड़ी आंखें दिखाते हैं

जमाने में कुछ इस तरह लोग, रिश्तेदारी निभाते हैं,

शिकायत है करते, कभी आते नहीं हो
गम ए हाल अपना, बताते नहीं हो।

मुश्किल पड़ी जब, गए उनके घर हम
मदद दूर की बात, बेलौस लहजे में,
हमारी ही कमियां, चुन चुन के गिनाते हैं

जमाने कुछ इस तरह लोग, रिश्तेदारी निभाते हैं।
अच्छे दिनों के हैं सारे ये रिश्ते ,
दुर्दिन में ना कोई रिश्ते, नाते हैं

जमाने में कुछ इस तरह लोग, रिश्तेदारी निभाते हैं.....
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एक वर्ष पहले

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