निर्णय लेने में जो डरते हैं,
वो जीवन में सदा पिछड़ते हैं,
अपना निर्णय जो दूसरों पर फेंकते हैं,
वो जिंदगी पथ पर, हमेशा रेंगते हैं,
गलत निर्णय बहुत कुछ सिखाते हैं,
सही निर्णय सफलता दिलाते हैं,
निर्णय लेना, स्वयं का अधिकार है
सही, गलत दोनों समान भाव से स्वीकार है,
निर्णय ना लेना, एक बौद्धिक विकार है,
निर्णय लेना, मस्तिष्क का विस्तार है,
सफल वही हुआ, जिसने सही समय पर निर्णय लिया,
उसने फिर, उस निर्णय को सही, प्रमाणित किया,
निर्णय क्षमता, अनुभव के साथ निखरती है,
ये वो गुण है, जो सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
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