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बच्चों का शौक

                
                                                         
                            लड्डू, डंडयू, कभी ना चाहे,
                                                                 
                            
सर्दी में जाना स्कूल,

खौफ ना हो गर मम्मी का,
पढ़ना जाए भूल।।

रोज बनाते नए बहाने,
झूठ के बुनते, ताने, बाने

दसेक साल बस उमर है, उनकी
पर बनते बड़े सयाने।।

दोनों के हैं, शौक निराले
मैगी के भाते हैं, मसाले,

पूरा दिन कार्टून में घुसे
भूख से ज्यादा खाना, ठूंसे

बहुत बुरी है, इनकी हरकत
सुधरे ना, तो नहीं हैं, बरकत
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एक वर्ष पहले

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