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माल नहीं मांस हैं

                
                                                         
                            वे माल नहीं मांस हैं
                                                                 
                            
कोरा जिस्म एक लास है।

मत भेदो केवल कपड़ों को
उनकी खाल पर ललचाने को
भेद डालो उनकी चमड़ी को
तुम्हारा भ्रम जलाने को।।

वे माल नहीं मांस हैं
कोरा जिस्म एक लास है।

जब तुम्हारी पैनी नज़र भेद डाले
असंख्य कोशिकाओ के जाले
लाल रक्त, सफेद मवाद के नाले
टूटे सारे, जो भ्रम थे पाले।

वे माल नही मांस हैं
कोरा जिस्म एक लास है।

हड्डियों के परे कुछ मिलेगा नहीं
चूने से बनी हैं चांदी से नहीं
कंकाल कहते हैं, कली नहीं
कपाल कहते हैं, कुसुम नहीं।

वे माल नहीं मांस हैं
कोरा जिस्म एक लास है।

वहां मलाई नहीं, मल मिलेगा
अमृत नहीं, अपशिष्ट जल मिलेगा
फिगर नहीं, अग्नि तरल मिलेगा
ना कपट, ना छल मिलेगा।

वे माल नहीं मांस हैं
कोरा जिस्म एक लास है।
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2 घंटे पहले

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