मुश्किलें हो जाएं शर्मिंदा
ऐसे मुश्किलों को शर्मिंदा करना
भले परिस्थितियां विपरीत हो
समय साथ ना दे
परंतु,हौसलों को जिंदा रखना
एक टूटे हौसलों के साथ
फिर दूसरा सपना देखना
जब तक इस धरा पर
सांसे चले
हार का लिबास न पहनना
रुकना समस्या का समाधान नहीं
खुद को प्रोत्साहन देना
मंजिल मिलेंगी क्यों नहीं
मंजिल को भी एक बार
खुद का पता देना
मुश्किल हो जाए शर्मिंदा
ऐसे मुश्किलों को शर्मिंदा करना
-ममता तिवारी
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