आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मोहब्बत से देखो:........

                
                                                         
                            मोहब्बत से देखो
                                                                 
                            
दुनिया को
महसूस होगी
मोहब्बत में
कितने फायदे
और नफरत में
कितनी हानियां है
मोहब्बत से ही
जिंदगी और
जिंदगानिया है
नफरतों को दिल में
जगह न देना
सबके प्रति दिल में
मोहब्बत का भाव रखना
मोहब्बत फैलाओ
नफरत मिटाओ
नफरत का दीप बुझाओ
मोहब्बत का दीप जलाओ
अपनों से गैरों से
सबसे मोहब्बत निभाओ।।

-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर