खड़े रहो डटे रहो
वीरों की तरह बढ़ते रहो
एक दिन मंजिल कदमों में होगी
विश्वास मन में लिए चलो
वीर तुम बढ़े चलो
धीर तुम बढ़े चलो।।
-ममता तिवारी
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