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जिंदगी एक सफर:.....कविता

                
                                                         
                            जिंदगी एक
                                                                 
                            
सफर है
सुहाना
प्यार बांटना
नफरत मिटाना
अपना हो या पराया
सबको गले लगाना
गमों को बोलना
बाय बाय
खुशी को अपनाना
कल की फिक्र में
आज की ख़ुशी
न गवाना
प्यार की दुनिया में
हंसना और हंसाना
जीवन के हर पल
को खुशी से बिताना
कल हम रहें ना रहें
क्या है ठिकाना
जो हमसे दूर है
उनसे एक कॉल
बात कर लें
क्यों?
अपनों को भूलाना
खूबसूरत दुनिया
देखकर
खुशी से भर जाना
आसपास
अगल-बगल
सबके खुशी में
मुस्कुराना
दिल दिमाग सही
काम में ही लगाना
फुर्सत मिले थोड़ा
भगवान का भी
सुमिरन कर लेना
जिंदगी एक सफर है
सुहाना
हंसकर ही बिताना..।।
-ममता तिवारी
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4 महीने पहले

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