नजारे बदले
इशारे बदले
दुनिया बदली
जमाने बदले
ना मां बदलती
ना उनके प्यार बदलते
यही तो वो रिश्ते हैं
जो शाश्वत चलते
ईश्वर ने पूछा मां से,
क्या-क्या कर सकती हैं
बच्चों के लिए
मां ने क्या खूब जवाब दिया
आपके सवाल ही गलत है
क्या नहीं कर सकती ये पूछिए
ईश्वर भी दंग रह गए
मुस्कुराते हुए बोले
यही तो बात आपके निराले
इसलिए तो हमसे भी बड़े
दर्जे आपको दिए जाते
हम भी आपके आगे हार मानते।।
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-ममता तिवारी
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