महसूस होने नहीं देती कभी तनहाई।
किताबों ने क्या खूब दोस्ती निभाई।।
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X