बीती बातों में डूबकर क्या करोगे
उनसे बाहर निकलने की कोशिश करना जरूर
पल-पल मर-मर के क्या करोगे
जीने की कोई शानदार वजह ढूंढना जरूर
माना,दुनिया में जहर है भरी
तुम अमृत बन मिठास घोलना जरूर
दुनिया की रिवायतों से वाकिफ हुए
अपने खूबसूरत तजुर्बों से
दुनिया को अवगत कराना जरूर
ईश्वर ने तुम्हें तराश कर मजबूत किया
दूसरों के लिए ढाल बनना जरूर
तुमने खुद ही खुद को सहारा दिया
इस एहसास से खुलकर हंसना जरूर
छल प्रपंच की उम्र ज्यादा नहीं
न्याय मिलेगा धीरज रखना जरूर
जो सहता है वही रहता है
आक्रमणकारियों का अंत होता है जरूर।।
-ममता तिवारी
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