एक बड़े मकसद से
जब आंखें खुलती है
आंखों में निराशा नहीं होती
एक गजब की तेज
हमारे अंतर्मन को
उज्ज्वलित करते हैं
मकसद आंखों के
इर्द-गिर्द चमकने लगते हैं
फिर हमारे मन में
एक खुशी की तरंगें
उठने लगती है हमारा
मन ऊर्जा से भर जाता है
हम काम करने के लिए
विवश हो जाते हैं
हमारे मन से आलस
रूपी दानव
खुद निकल जाता है
बड़ा मकसद बड़ा मकसद
होता है बड़े-बड़े काम
करने का हौसला देता है
इसलिए छोटा मकसद
लेकर कभी जागना मत
बड़ा मकसद बनाकर
जीवन में आगे बढ़ना
खुद ब खुद ताकत मिलेगी।।
-ममता तिवारी
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