दुःख आता है टटोलने हमें,
जीवन है एक संघर्ष—यह बतलाने हमें।
जीवन की कठिन परिस्थितियों में
मजबूत बनाने हमें।
ज्यों शरीर की शुद्धि आवश्यक है,
ज्ञान के लिए बुद्धि अत्यावश्यक है।
जीवन के लिए आत्मा,
और आत्मा के लिए शुद्धि आवश्यक है।
दुःख हमें गिराने नहीं,
बल्कि उठना सिखाता है यही।
हर कठिनाई के बीच,
जीवन को रहा सींच।
जो राहों में काँटे बिछे हैं मिलते ,
वही तो चलने का साहस है देते ।
जो आँसू आँखों से बह है जाते ,
वही मन को भीतर से दृढ़ हैं बनाते ।
सुख यदि जीवन की मधुर मुस्कान है,
तो दुःख अनुभवों की पहचान है।
दोनों मिलकर जीवन को हैंसँवारते ,
हमें हर पल कुछ नया है सिखाते ।
इसलिए दुःख से घबराना कैसा,
कठिनाइयों से हारना कैसा?
हर ठोकर को सीख बनाकर,
हर आँधी में दीप जलाकर,
हमें निरंतर है आगे बढ़ना,
जीवन को सार्थक है करना ।
-लक्ष्मी भट्ट
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