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आत्महत्या

                
                                                         
                            आत्महत्या आसान नहीं होती,
                                                                 
                            
विरह वेदना में तड़पते हैं प्रेमी,
पिता पुत्र में अहम की लड़ाई,
जब घर से भाग जाए लुगाई,
जब नहीं बचता कोई विकल्प,
जब नहीं मिलता रोजगार,
अपनों के रोज-रोज के ताने,
सहनशक्ति जवाब दे देती है
इन विषम परिस्थितियों में,
विचार आते हैं आत्महत्या के।
अपने आप को मृत मानकर,
जीवन को काम में लगाया जाय।
-कुलदीप शुक्ला
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एक घंटा पहले

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