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दोस्ती में नाराजगी

                
                                                         
                            तुम हो दिल के इतने करीब
                                                                 
                            
कि हम चाहकर भी तुम्हें भूला नहीं सकते
हम चाहकर भी तुमसे खफा नहीं रह सकते
कि हम चाहकर भी तुम्हारा खफा होना
बर्दाश्त नहीं कर सकते
क्या कहूं मैं कि तुम हमारे दिल के हो कितने करीब
अल्फाजों की भी इतनी औकात नहीं
वो भी ये बात बता नहीं सकते
हो गई हो हमसे कोई खता अनजान
माफ कर दो मेरी जां
तेरी नाराजगी मुझे दर्द कितना देती है
ये बात भी हम तुम्हें बता नहीं सकते
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9 महीने पहले

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