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"चलने का दिल में अरमान तो है "

                
                                                         
                            क्या हुआ गर मुश्किल है राहे
                                                                 
                            
है हौंसला बुलंद तेरा और
चलने का दिल में अरमान तो है
ये हवाए, ये फिजाये देखती है
प्रीतिभाए.. तू खोलदे पंख
उड़ने को खुला आसमान तो है..
रुकना तेरा कर्म नहीं..
ना हों पायेगा तुझसे रहने दे..
लोगों को ये भ्रम सही...
वो अनजान तेरे इरादों से
तू खुदकी बना पहचान तो है...
क्या हुआ गर मुश्किल है राहे
चलने का दिल में अरमान तो है,
तू हार गया तो जीत जाएंगे
षड्यंत्र कई..
रह जाएंगे अंधकारों में
जो देखे तुमने खाब सई...
तू अडिग है यूँ रुकना तेरा काम नहीं
परिस्थितियों के आगे टेककर घुटने
झुकना तेरे नाम नहीं
आगे बढ़ कोशिश तो कर रंग लाएगी
एक दिन मेहनत तेरी
जो दिखेंगे सबको..तेरे हाथों में
संघर्ष के वो निशान तो है।
तो क्या हुआ गर मुश्किल है राहे
दिल में चलने का अरमान तो है।
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2 घंटे पहले

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