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रोहिंग्या

ROHINGYA
                
                                                         
                            समग्र विश्व में पनाह ना
                                                                 
                            
मिले कहीं जब
आते हैं सब म्हारो देश
मानते हैं
अतिथि को भगवान
ऐसी परंपरा का धनी है
मेरा देश।

हर वक्त
हर घड़ी
हर पल
मिलेगा खुला
दरवाजा
मेरे देश का।

पर मजबूर है
इस बार हम
लिया है सबक
बीती बातों से
क्योंकि ................
हर बार उठाया है फायदा

हमारे मेहमान नवाजी का
हमारे दरियादिली का
हजारों बार
बदले में देकर धोखा
सैकड़ों बार
"माना कि जिम्मेदार
नहीं तुम"

पर जो ये
हालात बने हैं
उन सैकड़ों धोखों
के घाव ने हमें
पत्थर दिल ऐसे बनाएं हैं ।

- देवानंद 

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8 वर्ष पहले

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