चाँद का दर्शन किया होगा उदय से।
अर्घ्य अर्पित कर दिया होगा अमिय से।
सिक्त हो तुमने ललित शशि ज्योत्स्ना में,
क्या पुराना चाँद भी देखा हृदय से?
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