है चार दिन कि जिन्दगी जीना हमारे साथ
होगे न तुम कभी चलो रुस्वा हमारे साथ
डरता हूँ तुमसे इश्क़ है कैसे बताऊ में
होता रहा है इश्क़ में धोखा हमारे साथ
मै भी तो हूँ शुमार फ़सुर्दा हुए जो लोग
मुद्दत से है फरेब का नाता हमारे साथ
खामोश है ये दिल मेरा वीरान है ये रात
बस चल रहा है साथ में साया हमारे साथ
सूरज को क्या खबर जो करे रत जगा वो चाँद
हमको तो है खबर कि वो जागा हमारे साथ
शायद के अब बहार के मौसम में देख लूँ
तुमने जो कह दिया है के चलना हमारे साथ
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