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कृष्ण न आएंगे कलियुग में।

                
                                                         
                            अब कृष्ण न आएंगे कलियुग में ,
                                                                 
                            
तुम खुद ही अपनी ढाल बनों
न द्रौपदी , न राधा, ना सीता केवल,
तुम दुर्गा का अवतार बनों।।
अपने चिर संभालों खुद ही
तुम खुद की पहचान बनों।।
तुम नारी हो ये समझ रहे
वस्तु ,मानव में परख रहे।।
तुम हर रिश्ते का रखना मान,
मानव और दानव में करना पहचान ।
मगर नित जीवन में ये ध्यान रहें ,
निज स्वाभिमान भी अमर रहें।।
फिर हासिल हर एक दर्जा होगा,
ना खुद की नजरों में पर्दा होगा ।
तुम जीओगी अभिमान से,
और गर्व से एक दिन मरना होगा।।
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4 घंटे पहले

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