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मेरे ज़िंदा होने का सबूत हों जैसे

                
                                                         
                            मुझे मेरे घर में
                                                                 
                            
किताबों का एक कमरा नहीं चाहिए,

मुझे चाहिए
मेरे घर का हर कोना
नई किताबों की
खुशबुओं सा महकता हुआ
और पुरानी किताब सा
थोड़ा सीला, थोड़ा बदरंग।

मुझे चाहिए कि
मेरे घर की सारी दीवारें
कोई कहानी कहे
दरवाज़े खिड़कियों से झांकती हों
कविताएं
जीवन की अथक यात्राएं
जो झेली हैं मेरी देह ने
उन सारी यात्राओं का संस्मरण
लिखा हो मेरे घर की ईंटों पर।

और किताबें
जिधर नजर दौड़े
दिख जाए टहलती हुई
बिस्तर पर चादर से ज्यादा
बिछी हुई मिले
हाथ बढ़ाऊं अगर
तो मुट्ठी में बंद पाऊं हवा की तरह
सोकर उठू तो सीने पर
दिल सी धड़कती मिले
मेरे ज़िंदा होने का सबूत हों जैसे

मेरा घर एक किताब सा हो
मुझे मेरी किताबों में घर मिले।
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एक घंटा पहले

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