मत कर तू फरेब जानिब अभी हौंसला बाकी है,
राहों में मिले पर दिल की मुलाकात अभी बाकी है ।
हम तन्हा पुकारते रहे आसमाँ तले कौशल,
जिद्दी है बात मगर उल्फ़त करना अभी बाकी है ।
-के.के.कौशल
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