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बच्चों की दुनिया

                
                                                         
                            बच्चों की दुनिया कितनी हसीन होती है,
                                                                 
                            
कभी खुश, कभी गमगीन होती है।
छोटे-छोटे सपनों की बड़ी-सी दुनिया,
जहाँ हार का निशान नहीं होता।

जीतने की चाहत होती है, पर
किसी को हराने की नहीं।
मिलकर चलते हैं सारे अपनी ही धुन में,
सब अलग-अलग होते हैं,
पर फिर भी एक।

कितना कुछ सिखाती है इनकी दुनिया,
कि सपने और अपने—
दोनों ज़रूरी हैं...
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एक घंटा पहले

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