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कविता: नाम में क्या रखा है?

                
                                                         
                            कविता: नाम में क्या रखा है?
                                                                 
                            

संसार में बिन नाम के न कोई,
सबका रख गए नाम l
मिला नाम से भाव परिचय का
सरल पुकारना हुआ तभी l

अनभिज्ञ अर्थ के
मगर याद रखना ही है काम ।
इसी आस में रहते हैं कि
मिलने पर पुकारेंगे नाम ।

नाम भुला देते हैं उसका
मगर करनी रहती याद ।
तभी तो कहते हैं हम भई,
नाम में क्या रखा है ?
- जया लक्ष्मी अजितन
 
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12 घंटे पहले

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