एक अनार औ', सौ "बीमार"...!
आरक्षण में तलाशे लोग सब...
सरकारी अपना "रुज़गार".....!!
किस-किस को ख़ुश करे 'विचित्र'
आख़िर अपनी यह "सरकार"...!!!
-जे.पी. साधुराम गुर्जर "विचित्र"
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