ये नाज़ुक अहंकारी मर्द,
जब सह न सके सच,
मर्द भी जन्मा है औरत की कोख से,
कह दिया - "औरत बनी है मर्द की पसली से।"
कहीं हव्वा को आदम की पसली से जोड़ा गया,
कहीं औरत की कहानी
मर्द के जिस्म से लिखी गई।
मगर ऐ मर्द,
जिसे तू पसली से बना हुआ कहकर छोटा करता है,
उसी औरत की कोख से
तू खुद जन्मा है।
तो बता -
पसली बड़ी है या कोख?
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X