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पंचतत्व से बना यह

                
                                                         
                            पंचतत्व से बना यह तन
                                                                 
                            
योग भोग संग चलो वतन
यौवन जीवन जीना है
हमें बूढ़ा नहीं होना है।

समय काल की इस  गति में
धर्म, अर्थ, कार्य भक्ति में
हर पल हर क्षण बिताना है
हमें बूढ़ा नहीं होना है।

चल रहे हैं ग्रह उपग्रह
सूर्य चन्द्रमा नव नवग्रह
संग उन्हीं के चलना है
हमें बूढ़ा नहीं होना है।

यौवन रूप में हैं दिनकर
आकाश गंगा संग सुधाकर
संग सैर उनके करना है
ले यौवन रूप हमें जाना है
हमें बूढ़ा नहीं होना है
हमें बूढ़ा नहीं होना है।
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8 घंटे पहले

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