ले सौगन्ध प्रकाश पर्व का
जन कल्याण मनुज धर्म का
माटी दीया जलाएंगें
बिजली हम बचाएंगें।
है कोयला जल तेल गैस सीमित
यह उत्पादक ,खपत असीमित
जन जन को समझाएंगें
बिजली हम बचाएंगें।
अनगिनत बल्ब हम यहां जलाते
प्रकाश व्यर्थ कर उसे गंवाते
जरुरत अनुरूप जलाएंगें
बिजली हम बचाएंगें।
एक बल्ब से अंधेरा जाता
सुबह फिर सवेरा आता
दिन में काम निबटाएंगें
बिजली हम बचाएंगें।
सौर्य उर्जा है जीवन दाता
कारखाना क्यों बिजली से चलता
तरकीब नई निकालेंगें
बिजली हम बचाएंगें।
अखबार ,बायोगैस ,सिलबटे ,घड़ा
करेंगें उपयोग इसका बड़ा
अप्लायंस आराम पायेंगें
बिजली हम बचाएंगें।
तालाब ,कुआं पुनर्जिवित कर
लगाकर पौध शीतल हरित कर
एसी ,कूलर हटाएंगें
बिजली हम बचाएंगें।
बिजली बचेगी तकनीकी बचेगी
सुविधा सुरक्षा तरक्की बढ़ेगी
बचत कर भविष्य जगमगाएंगें
बिजली हम बचाएंगें
बिजली हम बचाएंगें।
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