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पोवारी भाषा मा रामलला व जनकदुलारी

                
                                                         
                            मातृभाषा को रंग से भगवा
                                                                 
                            
रंग भगवा रव्हन देव।
उन्नत कर लेव मातृभाषा,
रंग भगवा रव्हन देव।।

बिहया को हर गीत मा
रामजी को नाव से देख लेव।
हर नेंग दस्तूर मा,
रामजी को नाव गूंजन देव।।
बिहया को हर गीत मा
माता जानकी को नाव से देख लेव।
हर नेंग दस्तूर मा,
माता जानकी को नाव गूंजन देव।।

बिहया को हर गीत मा
राजा रनिवास को उल्लेख से देख लेव।
हर नेंग दस्तूर मा,
राजा रनिवास को प्रतिबिंब उमटन देव।।

पोवारी ला विकसित करके
रामलला ला पोवारी मा रमन देव।
बिहया को मंगलगान मा,
रामजी को पावन नाव गूंजन देव।।
पोवारी ला उन्नत करके
माता जानकी ला पोवारी मा रमन देव।
बिहया को मंगलगान मा,
माता जानकी को पावन नाव गूंजन देव।।

पोवारी ला प्रतिष्ठित करके
राजा रनिवास का नाव बिहया मा गूंजन देव।
बिहया को गीतों को माध्यम लक,
युवाओं ला समाज को जड़ों सीन जुड़न देव।।

-ओ सी पटले
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एक घंटा पहले

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