तुलसी के दिव्य बखान की
रस की खान, रसखान की
सरस मधुर वरदान,
निराली हिन्दी हिन्दुस्तान की
गुजरात की, राजस्थान की
उत्तर प्रदेश, आसाम की
जन- जीवन की पहचान
अनोखी हिन्दी हिन्दुस्तान की
यह थाती निज सम्मान की
रस-छंदों के संधान की
अनुपम, अद्वितीय, महान
सुहानी हिन्दी हिन्दुस्तान की।
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