इण धरती रा वीर सपूत सिर कटियाँ भी रण हवन करें।
जे पन्ना थारी ममता ने देश बिदेश भी नमन करे।।
जोहर सूं भी ना हिचके वा पद्मावती मतवाली हैं।
इतिहासा री कमर तोड़ने वाला तू भंसाली हैं।।
प्रेम दिखाणो चावे तो मीरा कृष्ण रो प्रेम देखा ।
गोरा बादल ओर पद्मावत इतिहासों ने जो जो लिखा।
रूपवती ही महाराणी ना सुंदरता रो खेल दिखा।
लूटी लियो बाजी ने पेल्या भी मस्तानी रो मैल दिखा।।
सती वेगी पद्मा पण केसरिया नी लजयो हों।
गोरा-बादल, रतनसिंह ने जद वीरगति ने पायो हों।।
केवल यो इतिहास नही राजपुताना (राज.)गौरव है
चित्तौड़ी वीरांगना संग सोलह हजार को जोहर है।
तुम इतिहास बदलने चालोगा तो थारो वर्तमान बदलजावेगा।
माटी सूं जिसने प्यार नी वो पद्मावती देख्लावेगा।।
हे धन्य धरां मेवाड़ या धरती किस्मतववाली हैं।
ओर इतिहासा री कमर तोड़ने वाला तू भंसाली हैं।।
-हरीश शर्मा
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