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करवा चौथ की प्रभात आई है।

                
                                                         
                            करवा चौथ की रात आई है।
                                                                 
                            
करवा चौथ की बारात आई है।

पति परमेश्वर के स्वागतम में।
चंद्र दर्शन की खैरात आई है।

लम्बी उम्र हो जीवन साथी की।
सबके लबों पर बात आई है।

पत्नियों की होगी बल्ले बल्ले।
पति देवों की जमात आई है।

राजा रानी की चाल है सब।
शतरंज की बाजी बिछाई है।

सोहल की घर गृहस्थी बनी रहे।
सब सपनो की सौगात आई है।
-गुरदीप सिंह सोहल
 
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3 दिन पहले

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