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बेटी की विरासत

                
                                                         
                            बात निकली है तो ये सवाल भी उठा है,
                                                                 
                            
कि बेटी होने के नाते, विरासत में क्या मिला है?
वो मुस्कुराई, और बड़े सुकून से बोली—"भूख।"
भूख ,सदियों के बंद दायरे तोड़ने की,
भूख, अनजान राहों से रिश्ता जोड़ने की।
कायनात को करीब से जानने की भूख,
भीड़ में अपनी पहचान मानने की भूख।
भूख, बेहतर कल के ख्वाब सजाने की,
माँ-बाप की उम्मीदों को सच कर दिखाने की।
दुनिया को समझने का हुनर तो देख लिया,
मगर सबसे बड़ी भूख—खुद को समझाने की।
और इन सबसे ऊपर, एक ज़िद है, एक जुनून है,
खैरात में नहीं, खुद के दम पे जीने की भूख है।
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4 घंटे पहले

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