तेरा आना
नीरव आकाश में
एक चिड़िया की तरह
और चला जाना
बिना गुनगुनाए
कोई गीत.
और मेरा खो जाना
सपनों में,
तेरे होंठो से
मेरी आत्मा तक,
उस स्पर्श के एहसास में
जो अब तलक हुआ नहीं.
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