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महान हो तुम

                
                                                         
                            स्नेह का रंग चढा
                                                                 
                            
ममता से पाठ पढ़ा दिया
बो कर मन में आत्मविश्वास
ऊंचा उड़ना सीखा दिया

एक छोटी छवि को
आसमान विहंग दिया
खूबसूरत रंगों से
जीवन को भर दिया
महान हो तुम _मेरे गुरुजन !

सफलता प्रसिध्दी
निष्ठता से मिला दिया
प्यार समता का संदेश दे
इंसान बना दिया

तुम बिन जी लेते अवश्य
पर सार्थकता न पाते
जीने के सारे रंग
हम कहां से लाते ?
महान हो तुम_ मेरे गुरुजन!

प्रेरणा प्रेरक शब्दों की
आज भी आगे बढ़ाती है
हौसला बन पथ का
जादूगर-सी साथ निभाती है

तुम हो मन के कोने-कोने में
सुख-दुःख के हर क्षण में
पाकर तुम्हें पा लिया
सब कुछ इस जीवन में
महान हो तुम_ मेरे गुरुजन!

 
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2 घंटे पहले

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