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मिनाब एक शहर का नाम है

                
                                                         
                            मिनाब एक शहर का नाम है
                                                                 
                            
ग्लोब पर एक देश में
उसके भू-राजनीतिक महत्व को मैं नहीं जानती
पर शायद हाथ बढ़ाकर छू सकती हूँ
उसकी जमीन जिसे दुनिया मध्य-पूर्व कहती है।

सुना है वहाँ कुएं से निकलता है तेल
फिर पानी कहाँ से पीते हैं बच्चे
भूगोल की किताबों में सिर रखे
मैंने घंटों सपने देखे हैं
चमकीले, मुलायम त्वचा वाले खिलखिलाते बच्चे
पानी की तलाश में भटक रहे हैं।

एक खंडहर घर के बरामदे में बैठी है
एक ईरानी लड़की
जिसके सुनहरे बालों में बँधा है गुलाबी रिबन
वह भूगोल की किताब पर काढ़ती है
पेड़, नदी, जंगल, आसमान और दमिश्क गुलाब।

दीवार के कोने में टंगा आईना
टूट गया है
पर उसके टुकड़ों में
अब भी दिखाई देता है
पूरा शहर
मलबों के बीच दबी है किताबें।

सुबह बस अभी हुई है
और कब्रिस्तान में
एक साथ खोदी गई हैं
सैकड़ों नन्हीं कब्रें।

मीनाब नींद में है
बाज़ार नींद में हैं
बच्चे नींद में भी प्यासे हैं

बूढ़ा कहानीकार ढूँढ रहा है
मीनाब के लिए दूसरा नाम।
सपनों में झूलते हुए वह गिर पड़ा है
एक कुएं में
जहाँ तेल के ऊपर तैर रहा है पानी।
-सुधा तिवारी
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5 महीने पहले

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