न शिकवा करेंगें न आजमाएंगे।
पांव जहाँ रखोगे तुम हम अपना दिल बिछाएंगे
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X