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नूर के आगे सब फिजूल है

                
                                                         
                            तेरी आंखों की खूबसूरती, नूर के आगे सब फिजूल है सनम,
                                                                 
                            
तेरे हुस्न का क्या कहना,यह तो जमाने में मशहूर है सनम,
अब इस ख्याल में मेरा दिल चूर है,
कि तुम बोल दो,मेर इश्क तुम्हें कबूल है,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
53 minutes ago

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