अजीब सी बेताबी और बेकरारी है तुम्हारे बिना सनम,
रह भी लेता हूं और भी नहीं रहा जाता तुम्हारे बिना,
अपना बनाती नहीं, और किसी और का होने भी नहीं देती,
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