ख्वाहिश है मेरी कि हाथ पकड़ कर तेरा लगा लूं मैं सात फेरे,
लेकिन क्या करूं मैं, बहुत बंदिशों के बीच घिरा है इश्क हमारा,
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X